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घटनास्थल
Kanpur कानपुर: शनिवार दोपहर कानपुर कोर्ट परिसर में एक दुखद और हैरान करने वाली घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। घाटमपुर के कोटरा मकरंदपुर निवासी 30 साल की नेहा संखवार, जो कोर्ट में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत थीं, ने कोर्ट की छठी मंजिल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने नेहा को तुरंत उर्सला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नेहा बर्रा बाईपास के पास किराए के मकान में रहती थीं। शनिवार को वह रोजाना की तरह कोर्ट में पहुंची थीं। दोपहर करीब 2:30 बजे, नेहा ने छठी मंजिल से छलांग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता, कोतवाली थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
परिवार ने बताया कि नेहा हाल ही में नौकरी पाने के बाद भी काफी परेशान रहती थीं। उनके नाना जय प्रकाश संखवार ने बताया कि चार महीने पहले ही नेहा को कोर्ट में नौकरी मिली थी। उन्होंने आशंका जताई कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या हो सकती है। उनका कहना था कि संभव है कि नेहा को किसी ने धक्का दिया हो। उन्होंने मामले में गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। नेहा का पारिवारिक पृष्ठभूमि भी गौर करने योग्य है। उनके पिता गोविंद प्रसाद फतेहपुर में कानूनगो के पद पर तैनात हैं, जबकि भाई भानु प्रताप इटावा में पुलिस दरोगा हैं। छोटी बहन निशा अपनी पढ़ाई में व्यस्त है। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, और मां मनोज, भाई भानु और बहन निशा कानपुर के लिए रवाना हो गए।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फोरेंसिक और पुलिस टीमें घटनास्थल की विस्तृत जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि नेहा ने आत्महत्या क्यों की। हालांकि परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है और कानूनी कार्रवाई जारी है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नेहा का व्यवहार पिछले कुछ समय से उदास और परेशान था। कोर्ट परिसर में कार्यरत सहकर्मियों ने भी बताया कि नेहा काफी गंभीर और चुप रहती थीं, लेकिन किसी ने भी इस तरह की स्थिति की कल्पना नहीं की थी।
पुलिस ने बताया कि कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, ताकि घटना के समय की सटीक जानकारी और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, नेहा के कार्यालय और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम भी जांच में शामिल किए जा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना ने कोर्ट परिसर में कार्यरत अन्य कर्मचारियों में भी चिंता और तनाव बढ़ा दिया है। नेहा संखवार की मौत ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि कोर्ट परिसर और कानपुर शहर में भी सहमति और शोक की लहर दौड़ गई है। मामले की पूरी जांच के बाद ही आत्महत्या या हत्या की पुष्टि हो पाएगी। इस घटना ने यह भी उजागर किया कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल की चुनौतियां कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट और अन्य संस्थाओं में मानसिक स्वास्थ्य और सपोर्ट सिस्टम को मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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